Disclosure in the report of Wildlife Institute Dehradun
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वन्य जीव संस्थान देहरादून की रिपोर्ट में खुलासा, साल पहले उबाले गए कटे जानवर के पंजे पैंथर के निकले

Disclosure in the report of Wildlife Institute Dehradun

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Disclosure in the report of Wildlife Institute Dehradun-  पंचकूला। एक साल पहले कालका की भैरों कॉलोनी की एक झुग्गी से मिले अज्ञात जानवर के कटे हुए और उबले हुए 4 पंजे चीते के होने की पुष्टि हुई है। यह खुलासा देहरादून स्थित वन्य जीव संस्थान की ओर से पंजों के सैंपल रिपोर्ट से हुआ है। अब पिंजौर थाना पुलिस झुग्गी से फरार हुए एक महिला अंगूरी और जीतू नाम के शख्स के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की अलग अलग धारा 9, 51 और 39 के तहत केस दर्ज पड़ताल में जुट गई है।

मंडलीय वन्य जीव अधिकारी पंचकूला की तरफ से संस्थान को वन्य प्राणी के अवशेषों का डीएनए टेस्ट करने की मांग की गई थी। पिछले साल 10 मई 2024 को मंडलीय वन्य जीव अधिकारी को सूचना मिली थी कि भैंरों कॉलोनी में रामबाग में झुग्गी में रह रहे अंगूरी और जीतू के पास अज्ञात जानवर के उबले हुए पंजों के अवशेष हैं। इस सूचना पर वन्य जीव निरीक्षक सुरजीत सिंह, वन्य जीव रक्षक जयपाल और पीएफए के सदस्य विनोद कुमार मौके पर पहुंचे। झुग्गी में पड़ताल करते हुए टीम को वहां से अज्ञात जीव के चार पंजे उबले हुए मिले, लेकिन तब इन पंजों की पहचान नहीं हुई कि ये किस जानवर के थे। वहीं अंगूरी मौके से फरार हो गई जबकि टीम ने पड़ताल जारी रखते हुए जीतू से मौके पर पूछताछ की।

जांच भटकाने की कोशिश

टीम को वहां से एक प्लॉस्टिक का बैग भी बरामद हुआ जिसमें कडक़ी और जाल पड़े मिले। तब जीतू ने खुलासा किया कि यह सामान आजाद नाम के शख्स का है। वो इसे यहां रख कर गया था। टीम ने पड़ताल की तो आजाद नहीं मिला और न ही जानवर का पता चल पाया। जिससे शक कि व्यक्ति जांच को भटकाना चाहता है। इसके बाद 15 मई 2024 को टीम ने देहरादून  स्थित वन्य प्राणी फोरेंसिक सैल के नोडल अफसर पंजों के सैंपल भेजे। इसके बाद 8 अप्रैल 2025 को संस्थान को रिमाइंडर भेजा गया। 23 अप्रैल को ई-मेल के जरिए संस्थान से सैंपल रिपोर्ट वन्य जीव अधिकारी को मिली, जिसमें स्पष्ट किया गया कि यह पंजे चीते-लेपर्ड के हैं जो पैंथर अनुसूची-1 का वन्य प्राणी है। इस रिपोर्ट के आधार पर पिंजौर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है। हालांकि, पुलिस अब अंगूरी, जीतू और आजाद के बारे में तह तक छानबीन कर रही है।